
तब्बू (Tabu) भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की एक मशहूर अभिनेत्री हैं, जिन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बंगाली और अंग्रेज़ी फिल्मों में काम किया है। उनका असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी (Tabassum Fatima Hashmi) है। तब्बू अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता और अलग तरह ( Different Types Film ) की फिल्मों के चुनाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने रोमांस, ड्रामा, थ्रिलर और कॉमेडी जैसी कई विधाओं में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूम
तब्बू का जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था। उनका ताल्लुक एक प्रतिष्ठित मुस्लिम परिवार से है।
उनकी मां रिज़वाना हाशमी एक स्कूल टीचर थीं, और उनके पिता जमाल हाशमी एक अभिनेता थे। हालांकि, तब्बू की परवरिश उनकी मां और नाना-नानी ने की थी। उनकी बड़ी बहन फराह नाज़ भी एक जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री रह चुकी हैं।
तब्बू की शुरुआती पढ़ाई सेंट एन्स हाई स्कूल, हैदराबाद में हुई। इसके बाद उन्होंने मुंबई के सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। अभिनय में रुचि बचपन से ही थी, क्योंकि उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ था।
फिल्मी करियर की शुरुआत
तब्बू ने अपने करियर की शुरुआत बहुत छोटी उम्र में कर दी थी। 1982 में, उन्होंने देव आनंद की फिल्म ‘हम नौजवान’ में एक बाल कलाकार के रूप में काम किया। इस फिल्म में उन्होंने एक छोटी लड़की का किरदार निभाया था. जिसे किडनैप कर लिया जाता है।
उनकी बतौर मुख्य अभिनेत्री पहली फिल्म 1991 में आई तेलुगु फिल्म ‘कूली नंबर 1’ थी, जिसमें उनके हीरो वेंकटेश थे।
1994 में तब्बू ने हिंदी सिनेमा में ‘पहला पहला प्यार’ से कदम रखा, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद उन्होंने अजय देवगन के साथ फिल्म ‘विजयपथ’ (1994) की, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू भी मिला।
सफलता की ओर बढ़ते कदम
1996 तब्बू के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस साल उन्होंने दो बड़ी हिट फिल्में दीं – ‘माचिस’ और ‘साजन चले ससुराल’। माचिस एक गंभीर राजनीतिक ड्रामा फिल्म थी, जिसमें उन्होंने एक सिख लड़की वीरा का किरदार निभाया, जिसे आतंकवाद के कारण अपने जीवन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इस फिल्म के लिए तब्बू को नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस से सम्मानित किया गया।
इसके बाद उन्होंने ‘बॉर्डर’ (1997), ‘चाची 420’ (1997) और ‘विरासत’ (1997) जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। चाची 420 में वे कमल हासन के साथ नज़र आईं और उनका किरदार दर्शकों को बहुत पसंद आया। विरासत में अनिल कपूर के साथ उनकी जोड़ी को सराहा गया और यह फिल्म भी सुपरहिट रही।
अलग तरह की फिल्मों का चुनाव
तब्बू उन अभिनेत्रियों में से हैं जो कमर्शियल फिल्मों के साथ-साथ आर्ट फिल्मों में भी काम करना पसंद करती हैं। 2000 के दशक में उन्होंने ‘अस्तित्व’ (2000), ‘तहलका’ (2002), ‘मकबूल’ (2003) और ‘द नेमसेक’ (2006) जैसी फिल्मों में काम किया।
विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘मकबूल’ शेक्सपियर के ‘मैकबेथ’ पर आधारित थी, जिसमें तब्बू ने अब्बाजी (पंकज कपूर) की प्रेमिका और माफिया डॉन की पत्नी का किरदार निभाया। उनके अभिनय को क्रिटिक्स ने बहुत सराहा और इस फिल्म को कल्ट क्लासिक माना जाता है।
‘द नेमसेक’ झुम्पा लाहिड़ी के नॉवेल पर आधारित थी और इसे मीरा नायर ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में तब्बू ने इरफान खान के साथ काम किया और इसमें उन्होंने एक बंगाली महिला अशिमा गांगुली का किरदार निभाया, जो भारत से अमेरिका जाकर बस जाती है।
कॅरियर में विविधता और प्रमुख हिट फिल्में
तब्बू ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- ‘हेरा फेरी’ (2000) – इस फिल्म में उन्होंने सुनील शेट्टी के साथ एक साधारण लड़की का किरदार निभाया था।
- ‘चांदनी बार’ (2001) – इस फिल्म में उन्होंने एक बार डांसर का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें दूसरा नेशनल अवॉर्ड मिला।
- ‘भूल भुलैया’ (2007) – इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में तब्बू ने मंजुलिका का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
- ‘हैदर’ (2014) – विशाल भारद्वाज की इस फिल्म में उन्होंने शाहिद कपूर की मां का किरदार निभाया, जो ग्रीक ट्रैजेडी और भारतीय राजनीति का मेल था।
हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय फिल्में
तब्बू ने सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने ‘द नेमसेक’ (2006) और ‘लाइफ ऑफ पाई’ (2012) जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है।
‘लाइफ ऑफ पाई’ में उन्होंने पाई की मां का किरदार निभाया था, जो एक इमोशनल रोल था। इस फिल्म को ऑस्कर में कई नॉमिनेशन मिले थे और यह वैश्विक स्तर पर सफल रही।
बॉलीवुड में वापसी और हालिया फिल्में
2015 के बाद तब्बू ने फिर से बॉलीवुड में धमाकेदार वापसी की। उनकी कुछ प्रमुख फिल्में हैं:
- ‘दृश्यम’ (2015) – इस फिल्म में उन्होंने एक पुलिस ऑफिसर का रोल निभाया था, जिसका बेटा रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाता है। अजय देवगन के साथ उनकी यह फिल्म सुपरहिट रही।
- ‘अंधाधुन’ (2018) – इस थ्रिलर फिल्म में उन्होंने आयुष्मान खुराना के साथ काम किया और उनके किरदार को खूब पसंद किया गया।
- ‘दृश्यम 2’ (2022) – इस फिल्म में उन्होंने अपने पुलिस ऑफिसर के किरदार को दोबारा निभाया और फिल्म जबरदस्त हिट रही।
निजी जीवन
तब्बू ने अभी तक शादी नहीं की है। उनका नाम कई बार अजय देवगन, नागार्जुन और संजय कपूर जैसे सितारों के साथ जोड़ा गया, लेकिन उन्होंने कभी इस बारे में खुलकर बात नहीं की। वे अपनी निजी जिंदगी को हमेशा मीडिया से दूर रखती हैं।
सम्मान और पुरस्कार
तब्बू को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें शामिल हैं:
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2 बार – माचिस और चांदनी बार)
- फिल्मफेयर पुरस्कार (कई बार – विजयपथ, विरासत, मकबूल, अंधाधुन)
- पद्म श्री पुरस्कार (2011) – भारत सरकार द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया गया।
निष्कर्ष
तब्बू बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में हमेशा चुनौतीपूर्ण और अलग-अलग किरदार निभाए हैं। चाहे वह व्यावसायिक सिनेमा हो या आर्ट फिल्में, तब्बू हर भूमिका में जान डाल देती हैं। उनकी लंबी उम्र, अभिनय कौशल और बेहतरीन फिल्मों का चयन उन्हें बॉलीवुड की लीजेंड एक्ट्रेस बनाता है।